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घमंड से अपना *सर* ऊँचा न करे... जीतने वाले भी .... अपना *गोल्ड मैडल*... सिर झुका के हासिल करते है

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घमंड से अपना *सर* ऊँचा न करे... जीतने वाले भी .... अपना *गोल्ड मैडल*... सिर झुका के हासिल करते है _________________________ आहिस्ता से पढना- पछतायेगा कौन ?  एक वाक्य भी दिल में बैठ गया तो कविता सार्थक हो जायेगी - मैं रूठा ,       तुम भी रूठ गए                       फिर मनाएगा कौन ? आज दरार है ,            कल खाई होगी                            फिर भरेगा कौन ? मैं चुप ,      तुम भी चुप           इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन ? छोटी बात को लगा लोगे दिल से ,                  तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ? दुखी मैं भी और  तुम भी बिछड़कर ,...

*हर चीज़ की कीमत समय आने पर ही होती है,*

*हर चीज़ की कीमत समय आने पर ही होती है,* *मुफ्त में मिलता हुआ ये ओक्सिजन, अस्पताल में बहुत महंगा बिकता है।।* ___________________________ *नदी* का पानी *मीठा* होता है क्योंकि               वो पानी *देती* रहती है। *सागर* का पानी *खारा* होता है क्योंकि              वो हमेशा *लेता* रहता है। *नाले* का पानी हमेशा *दुर्गंध* देता है क्योंकि               वो *रूका* हुआ होता है।            *यही जिंदगी है* *देते रहोगे* तो सबको *मीठे* लगोगे। *लेते रहोगे* तो *खारे* लगोगे।और अगर *रुक गये* तो सबको *बेकार* लगोगे।      निष्कर्ष : *सत्कर्म ही जीवन है।* ___________________________          अमीर के जीवन में जो                     महत...

*मैदान में हारा हुआ फिर से जीत सकता है* *परंतु* *मन से हारा हुआ कभी जीत नहीं सकता।* *आपका आत्मविश्वास ही आपकी सर्वश्रेष्ठ पूँजी है।*

*वो कहते है कि शादी के लिये जोडियां ईश्वर स्वर्ग में ही बना देता है ....* यह सच है?? *पर ईश्वर की बनाई जोडियां एक ही जाति की क्यों होती हैं ??* *क्या ईश्वर 'जातिवादी' है ??* या फ़िर जातिवादीयों ने ही.... *ईश्वर* बनाया है... अब सोचिये. ______________________________ *मैदान में हारा हुआ फिर से जीत सकता है*                  *परंतु* *मन से हारा हुआ कभी जीत नहीं सकता।* *आपका आत्मविश्वास ही आपकी सर्वश्रेष्ठ पूँजी है।* ______________________________ ज्ञान को आगे रखकर कर्म (पुरुषार्थ) करना चाहिए- पुरुषार्थ से सारे कार्य सिद्ध होते है। आलस्य में जीवन बिताना, उसे नीरस, फीका बनाना है। आलस्य सब दुखों का मूल है। यह दरिद्रता लाता है और ऐश्वर्य ले जाता है। ईश्वर प्राप्ति के लिए जो पुरुषार्थ होता है, उसे परम पुरुषार्थ कहते है। लौकिक और परलौकिक सुख दोनो इसी में है अतएव मनुष्य  को पुरुषार्थी-उद्योगी, यत्नशील होना चाहिए।  जीवन एवं निर्माण को देखकर हम प्रसन्न होते हैं और मृत्यु एवं निर्माण को देखकर उदास। ऐसे क्यों? क्...

एकाग्रता की शक्ति को कैसे बढ़ाये

एकाग्रता की शक्ति को कैसे बढ़ाये **************************** चाहे आप कहीं भी कोई भी काम कर रहे हों, हर जगह ध्यान भटकाने वाली चीजें होती हैं। इसलिए काम पर एकाग्र होना एक मुश्किल काम है। मनुष्य का मस्तिष्क ऐसा नहीं है कि वह आसपास होने वाले कोलाहल को नजरअंदाज कर सके। माहौल में जरा सी भी हलचल ध्यान भटकाने के लिए काफी होती है।एकाग्रता को बढ़ाने के लिए ढृढ़ता बेहद जरूरी हैं। ۩  जीवन में एकाग्रता बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसके इलावा हर क्षेत्र जैसे बिज़नस, जॉब, लौकिक पढ़ाई आदि। किसी भी कार्य में सफलता का आधार एकाग्रता होती है। एकाग्रता वास्तव में एक बहुत बड़ी *तपस्या* है, यह *निरंतर अभ्यास* से हासिल होती है। मन को एकाग्र करने के कुछ अनुभव में से *टिप्स* इस प्रकार हैं ― ۩  मन और बुद्धि का एक होकर कार्य में साथ देना। जितना मन-बुद्धि साथ होंगे उतनी एकाग्रता बढ़ेगी। ۩  *माहौल का करें चुनाव* आप जिस माहौल में काम करते हैं, वह एकाग्रता को बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण होता है। आरामदायक और आकर्षक माहौल में काम करते समय पूरी तरह से एकाग्रता हासिल की जा सकती है। ۩  *विचारों को निय...

*23 मार्च शहीदे आझम ने अंजळी.*

*23 मार्च ..शहीदे आझम ने अंजळी.* ,          *हिंद जाया नुं हालरडु* पिता किसन सिंह अने मां विध्यावती ने ज्यारे पोताना खोळाना खुंदनार ने फांसी नी पेहला छेल्ली वखत मळवा जवानुं हशे..ई चोविस मी मार्च ना लाहोर जेल ने दरवाजे मां पोताना दीकरा ने छेल्ली वार मळवाना अबरखे उभी हसे अने खबर मळे के फांसी तो काल रात्रेज अपाई गई..अने मृत देह सोंपाणो होय..ई आंखो बंद करी ने सुतेला त्रण सावजो ..मां भारती ना भुलकां...सुखदेव राजगुर अने भगतसिंह...ऐनी बंध आखो जोई मां ने काळजे केवा घा वाग्या हशे...आ हिंद ने बिजा तो शुं ठबका देवा ?  .            *|| हाला गाउं हिंद ना लाला ||* .        *रचना : जोगीदान गढवी (चडीया )* .           *राग:  बेटी बहुं बाप ने व्हाली* लोट्यो तुंतो हिंद ना लाला, हैडा फाट गाउं हुं हाला काळजडाने बोल ई काला, भोकें मारी छातीये भाला...टेक निकळ्यो तो तुं निहाळ जावा ने, जलीया वाला जेल दील दीधुं तुं देस ने...

*अनमोल मोती अगर कचरे के भी गिर जाए तो भी उसकी चमक और कीमत कम नही होती है*

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*किसी अच्छे इंसान से अगर कोई कभी गलती हो जायें तो सहन कर लेनी चाहिए* *क्योकि अनमोल मोती अगर कचरे के भी गिर जाए तो भी उसकी चमक और कीमत कम नही होती है* ____________________________ बड़ी सीख आँख दुनिया की हर एक चीज देखती है, मगर जब आँख के अन्दर कुछ चला जाए तो उसे नहीं देख पाती.... *```बिल्कुल इसी तरह इंसान दूसरे के गलती तो देखता है पर अपनी गलती उसे नजर नही आती है।```* ____________________________ ____________________________ सुन्दर लाइन; मेरी गलतियां मुझसे कहो दूसरो से नहीं कियोंकि सुधार ना मुझे है उनको नहीं ____________________________               ___________________________ *अकेले हम बूँद हैं,*           *मिल जाएं तो सागर हैं।* *अकेले हम धागा हैं,*           *मिल जाएं तो चादर हैं।* *अकेले हम कागज हैं,*           *मिल जाए तो किताब हैं।* *अकेले हम अलफ़ाज़ हैं,*           *मिल जाए...

देश भक्ति शायरी - तमाम शहीदों ने श्रधान्जली

देश भक्ति शायरी - तमाम शहीदों ने श्रधान्जली  देश भक्ति शायरी 1: शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पे मर मिटनेवालों का बाकी यही निशां होगा 2: अनेकता में एकता ही इस देश की शान है, इसीलिए मेरा भारत महान है 3: हमारी पहचान तो सिर्फ ये है कि हम भारतीय हैं – जय भारत, वन्दे मातरम 4: मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट सम्मान करता हूँ यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ, मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ। 5: जो देश के लिए शहीद हुए उनको मेरा सलाम है अपने खूं से जिस जमीं को सींचा उन बहादुरों को सलाम है.. 6: खून से खेलेंगे होली, अगर वतन मुश्किल में है सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,, 7: खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं, मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं, करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों, तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है… 8: जो अब तक ना खौला, वो खून नहीं पानी है, जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है 9: सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा हम बुलबुलें हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा। परबत वो सबसे ऊँचा हमसाया...