जब तक आप अपने काम से महोब्बत नही करोगे तब तक आपको उस काम मे सफलता प्राप्त नही होगी. फिर चाहे वो बिजनेस हो, कला हो, जोब हो, कूछ भी हो. क्योकी लोग कहेते है की महोब्बत मे पागलपन, जोश, ओर जूनून होता है. ओर मै कहैता हू कि सफल होनेके लीऐे ये तिनो झरूरी है ________________________ "चलते रहे कदम दोस्तों, किनारा जरुर मिलेगा !! अन्धकार से लड़ते रहो, सवेरा जरुर खिलेगा !! जब ठान लिया मंजिल पर जाना, रास्ता जरुर मिलेगा !! ए राही न थक, चल... एक दिन समय जरुर फिरेगा !! ________________________ प्रशंसा से "पिघलना" मत आलोचना से "उबलना" मत निःस्वार्थ भाव से कर्म हो क्योंकि - इस 'धरा' का ...